Iran-Israel जंग के बीच किम जोंग उन का बड़ा ऐलान, परमाणु क्षमता वाले युद्धपोत को किया तैयार; नौसेना को न्यूक्लियर ताकत देने की कसम

सियोल। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के माहौल के बीच उत्तर कोरिया के नेता Kim Jong Un ने एक बड़ा सैन्य कदम उठाकर वैश्विक स्तर पर हलचल बढ़ा दी है। उत्तर कोरियाई नेतृत्व ने परमाणु क्षमता वाले अपने नए विध्वंसक युद्धपोत को हमले के लिए तैयार करने की दिशा में तेजी दिखाई है। किम जोंग उन ने लगातार दो दिनों तक युद्धपोत का निरीक्षण किया और उससे क्रूज मिसाइलों के परीक्षण का भी अवलोकन किया।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब Israel, Iran और United States के बीच तनावपूर्ण हालात को लेकर दुनिया पहले से ही चिंतित है।

नौसेना के परमाणु हथियारीकरण की कसम

उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार एजेंसी Korean Central News Agency के मुताबिक किम जोंग उन ने अपनी नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस करने की दिशा में तेजी लाने की कसम खाई है। उन्होंने मंगलवार और बुधवार को नाम्पो के पश्चिमी शिपयार्ड का दौरा किया और वहां निर्माणाधीन तीसरे विध्वंसक का निरीक्षण किया।

रिपोर्ट के अनुसार यह युद्धपोत करीब 5,000 टन क्षमता वाले Choe Hyon-class destroyer श्रेणी का है, जिसे पहली बार अप्रैल 2025 में सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया गया था।

हमला क्षमता बढ़ाने की तैयारी

किम जोंग उन ने कहा कि चोए ह्योन श्रेणी का विकास उत्तर कोरिया की परमाणु-सशस्त्र सेना की ऑपरेशनल रेंज और पूर्व-आक्रमण हमले की क्षमता को बढ़ाने की दिशा में अहम कदम है। राज्य मीडिया के अनुसार इस युद्धपोत को कई तरह की आधुनिक हथियार प्रणालियों से लैस किया गया है, जिनमें एंटी-एयर और एंटी-नेवल सिस्टम शामिल हैं।

इसके अलावा इसमें परमाणु क्षमता वाली बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलें लगाने की भी व्यवस्था की गई है। दक्षिण कोरियाई सैन्य अधिकारियों और विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना में रूस की तकनीकी सहायता की भी संभावना हो सकती है, हालांकि इस पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पहले भी लॉन्चिंग के दौरान आई थी खराबी

उत्तर कोरिया ने पिछले साल इसी श्रेणी का दूसरा विध्वंसक लॉन्च किया था, लेकिन Chongjin बंदरगाह पर आयोजित समारोह के दौरान तकनीकी खराबी के कारण वह क्षतिग्रस्त हो गया था। उस घटना पर किम जोंग उन ने कड़ी नाराजगी जताई थी और इसे गंभीर अपराध बताया था।

बाद में मरम्मत के बाद नए विध्वंसक कांग कोन को दोबारा लॉन्च किया गया, हालांकि कई बाहरी विशेषज्ञ अब भी इसके पूरी तरह परिचालन योग्य होने को लेकर संदेह जता रहे हैं।

क्रूज मिसाइल परीक्षण का भी किया अवलोकन

मंगलवार को समुद्री परीक्षणों के दौरान किम जोंग उन ने चोए ह्योन से क्रूज मिसाइलों के परीक्षण लॉन्च को भी देखा। राज्य मीडिया द्वारा जारी तस्वीरों में जहाज से सफेद धुएं के साथ कई प्रोजेक्टाइल लॉन्च होते दिखाई दिए। इन हथियारों को “रणनीतिक” बताया गया है, जो आमतौर पर परमाणु क्षमता वाली प्रणालियों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है।

किम जोंग उन ने दावा किया कि यह युद्धपोत परिचालन आवश्यकताओं को पूरा करता है और देश की बढ़ती नौसैनिक ताकत का प्रतीक है। उन्होंने अगले पांच वर्षों में इसी श्रेणी या इससे उन्नत स्तर के दो युद्धपोत हर साल बनाने का लक्ष्य भी रखा है।

नौसैनिक ताकत बढ़ाने पर खास फोकस

बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाने के बाद अब उत्तर कोरिया का फोकस नौसैनिक क्षमताओं पर भी बढ़ गया है। रिपोर्ट के अनुसार देश परमाणु-संचालित पनडुब्बी परियोजना पर भी काम कर रहा है।

नाम्पो शिपयार्ड में निर्माणाधीन तीसरे विध्वंसक को अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जो सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की स्थापना वर्षगांठ के आसपास लॉन्च किया जा सकता है।

परमाणु भंडार बढ़ाने की योजना

पार्टी कांग्रेस के दौरान किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया के परमाणु शस्त्रागार को और विस्तार देने की योजना पर जोर दिया था। उन्होंने कहा कि नौसेना को परमाणु हथियारों से लैस करने के प्रयास संतोषजनक प्रगति कर रहे हैं और इससे देश की समुद्री संप्रभुता की रक्षा में बड़ा बदलाव आएगा।

विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण और जटिल हो सकते हैं, खासकर ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सैन्य तनाव पहले से ही बढ़ा हुआ है।

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